सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

पोस्ट

फ़रवरी, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

दिल-ए-फिगार था तन्हाई के क़फ़स मैं,,,,,,,,,,,,,, dard shayari,

दिल-ए-फिगार था तन्हाई के क़फ़स मैं


दिल-ए-फिगार था तन्हाई के क़फ़स मैं ,तड़प उठी साँसे  दिल ना हुआ बस मैं ,

,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,


उसके लौटने की तवाकु  अब  टूटने लगी  हे,दीन बा दीन वक़्त की रेत छूटने लगी  हे,
अहाल-ए-जाहा,  ने इतनी  जफा  दी मेरे  दिल को,के धड़कने करके  बेवफाई थमने लगी  हे,
शब-ए-फिराक मेरे मन मैं  इतना  शोरिश हुया,जिस्की गूंज से  तबस्सुम भी मिटने लगी  हे,
 बे ज़क  हुई जिंदगी को नाशाद करना चाहता  हू,तन्हाई के क़फ़स मैं  ज़ीस्त  जलने लगी  हे,
तन्हाई से से  बचने को अपने दर्दो , से दोस्ती  की,तो सबा भी मुझ तक  आकर रूकने लगी  हे,
बारसो तक नज़रे ,टिकाई  उस्के इंतज़ार मैं ,अब  तो सुरख ए रुखसार  भी धाल्ने लगी  हे,
dil e figaar---udaas mun
tawakko--umeed
jafaa--------------utpidan,dard,
ahal e jahaa,n-------is duniya ke log
shurkh e rukhsaar---gaalo,n ki laali
qafas---------pinjra
be zauq-----be suwaad
zeest-----jivan
tabassum-----muskaan
shorish-----ashanti
shab e firaaq----judai ki raat
hijr-----judai



Tag
best dard shayari 2 line dard shayari pyar ka dard shayari
dard shayari in english

ज़ख़्म सीना सिख गए हमदर्द बनाया न गया,,,,2,,line shayari

लाख कोशिशे की हमने पर दर्द छुपाया न गया



लाख कोशिशे की हमने पर दर्द छुपाया न गया;ज़ख़्म सीना सिख गए हमदर्द बनाया न गया;

Tag
2 line Shayari in English 2 line Shayari attitude 2 line Shayari on life 2 line Shayari romantic

तेरे राह मैं बिछे कांटो पर हम अपना हाथ रख देंगे,,,,,,,,,,,,,,2 line shayari

तेरे राह मैं बिछे कांटो पर हम अपना हाथ रख देंगे




तेरे राह मैं बिछे कांटो पर हम अपना हाथ रख देंगे;सेह लेंगे हस्ते हुए सारा दर्द तुमको काटा चुभने न देंगे;



Tag
2 line Shayari in English 2 line Shayari attitude 2 line Shayari on life 2 line Shayari romantic

खत भेजा है तुम्हे पढ़ लेना एक बार,,,,,,,2 line shayari

                                                  खत भेजा  है तुम्हे पढ़ लेना एक बार




खत भेजा  है तुम्हे पढ़ लेना एक बार;
मेरे दिल की तरह इसके भी टुकड़े ना करना;

Tag
2 line Shayari in English 2 line Shayari attitude 2 line Shayari on life 2 line Shayari romantic

आँखे खोल मेरे दिलबर मैं लौट आयी हूं ------2 line shayari

                        आँखे खोल मेरे दिलबर मैं लौट आयी हूं


आँखे खोल मेरे दिलबर मैं लौट आयी हूं ,दूर हुई तुझसे गलती हुई बोहत पछताई  हूं ,

Tag
2 line Shayari in English 2 line Shayari attitude 2 line Shayari on life 2 line Shayari romantic



जो चेहरा अक्सर खवाबो मैं आता है---------2 line shayari

जो चेहरा अक्सर खवाबो मैं आता है खुदा मेरे


जो चेहरा अक्सर खवाबो मैं आता है खुदा मेरे,वह कब  ज़िन्दगी मैं आएगा ये सवाल लबो पर मेरे,
Tag
2 line Shayari in English 2 line Shayari attitude 2 line Shayari on life 2 line Shayari romantic

मेरी कबर तक आएंगे ,--------------2 line shayari

                  कतरा कतरा खून का बहने दिया हमने उसके राह मैं
कतरा कतरा खून का बहने दिया हमने उसके राह मैं,देख कर इन निशानों को मेरी कबर तक  आएंगे ,

Tag
2 line Shayari in English 2 line Shayari attitude 2 line Shayari on life
2 line Shayari romantic

लम्हा लम्हा याद उसकी मुझको तड़पती रही अक्सर--------2 line shayari

                                   लम्हा लम्हा याद उसकी मुझको तड़पती रही अक्सर

                                       लम्हा लम्हा याद उसकी मुझको तड़पती रही अक्सरलम्हा लम्हा याद उसकी मुझको तड़पाती रही अक्सर ज़िन्दगी से चली गयी दिल से न निकल पायी,



Tag
2 line Shayari in English 2 line Shayari attitude 2 line Shayari on life 2 line Shayari romantic

मोह्हबत की शिद्धत से-------2 line shayari

मोह्हबत की शिद्धत से पर अछि तकदीर न पायी


मोह्हबत की शिद्धत से पर अछि तकदीर न पायी,तेरे  साथ कोई गैर  साथ मेरी आलम इ तन्हाई,



Tag
2 line Shayari in English 2 line Shayari attitude 2 line Shayari on life 2 line Shayari romantic

किस्मत बेईमान ........ghazal,

किस्मत बेईमान थी मंजिल अनजान थी ज़माने के बिच शख्सियत गुमनाम थी;
कैसे समझ पाते हाल ऐ दिल उसका ज़िन्दगी तो बस दो पल की मेहमान थी;
खुद को न पहचान पाता हूँ आईने मैं भूल चुके है किया मेरी पहचान थी;
दरवाजो के परदे  करके रो लेते है मोह्हबत मैं ज़ीस्त हुई बदनाम थी;
ज़ख्मो को सिलते रहे कुछ कह न पाए जीत अब तो लगा जैसे हस्ती हुई शमशान थी;

थोड़ा कम था थोड़ा जियादा ,,,,,ghazal

मेरी मोहोब्बत का एहसास थोड़ा कम था थोड़ा जियादा मेरे अल्फाज़ो मैं दम थोड़ा कम था थोड़ा जियादा;
एक पल भी न देखा उसने मुझे मुड़कर यु दर्द ऐ जुदाई का गम थोड़ा कम था थोड़ा जियादा;
महफ़िल मैं आये आंसू झूठी ख़ुशी मैं छुपा लिए उन आंसुओ का सैलाब थोड़ा कम था थोड़ा जियादा;
खत पढ़ते हुए याद आ गयी वो हिज्र की रात उसकी वफाओ का सिला थोड़ा कम था थोड़ा जियादा;
क़फ़स ऐ तन्हाई मैं जब भी फसते रहे अक्सर हम संगदिल की दीवानगी का असर थोड़ा कम था थोड़ा जियादा;
यु ही जी रहा था तेरे बिन ज़िन्दगी मैं जीत तड़पके जीने का अंदाज़ थोड़ा कम था थोड़ा जियादा;

मोहोब्बत बयान करदे ,,,,ghazal

कहो तो हम अपनी मोहोब्बत बयान करदे  इन वीरानियों  को भी गुलिस्तां करदे;
आजमाइश करनी हो तो बेशक कर लो हम चाँद को भी आपके निगेहबान करदे;
शिद्धत बोहत है मेरी मोहोब्बत मैं सनम धड़कने ऐसी की अरमानो को जवान करदे;
सूरत मासूम नज़रो की किया बात करे चमक ऐसी की शमा को भी धुँआ करदे;
थाम लो हाथ ज़माने की फिकर  न करो जीत कियों न एक होकर मोहोब्बत महान करदे;

नाशाद हुई ज़ीस्त को कैसे संभालते ,,,ghazal

न दौलत की प्यास न शोहरत की प्यास थी तनहा सफर  हमसफ़र की आस थी;
नाशाद हुई ज़ीस्त को कैसे संभालते मेरी ज़िन्दगी के हर पहलु मैं ख़ास थी;
हसरत ऐ परवाज़ लिए गयी दयार ऐ गैर वो बाद उसके क़फ़स ऐ तन्हाई मैं याद पास थी;
अज़ाब मिली थी इश्क़ मैं तड़पते रह गए उसके बिना ज़िन्दगी न आयी रास थी;
लौट कर आ जाते देख लो किया हुए हाल तेरे इंतज़ार मैं बची आखरी साँसे थी;
छलनी छलनी किया मेरे जिस्म को जीत यु सरे अरमानो की जल रही लाश थी;

चाँद भी दीवाना रहा उसके हुसन को देख कर ,,ghazal

चाँद भी दीवाना रहा उसके हुसन को देख कर फूल भी खिल गए उसकी ताबासूम देख कर;
नज़रो ही नज़रो मैं हाल ऐ दिल बयान हुआ जुबान सील गयी उसकी मासूमियत को देख कर;
दिल निकलने लगा सीने से मेरे धड़कने भड़ने लगी एक एहसास सा जगा उसकी मासूमियत को देख कर;
मोह्हबत किया होती ये हम नहीं जानते थे होने लगी हमें भी उसके नखरे ओ अदा को देख कर;
उसकी बंदगी करू ये दिल एहसास हुआ है आज सजदे करने को जी किया उसमें रब को देख कर;
तनहा कब तक जीता जिंदगी को यूही जीत उमंग सी जागी है दिल मैं उसको देख कर;

ये ज़िन्दगी का सफर अब नासूर होने लगा है .....................ghazal,

मेरे कदमो को कोई मंजिल कोई राह दीजियेगा फूल न सही कांटो को बिछा दीजियेगा 
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
ये ज़िन्दगी का सफर अब नासूर होने लगा है मिल जाये इन से नियजात एसी दिशा दीजियेगा;
तुम बे वफ़ा हो फिर भी अहल ऐ जहां को चाहे झूठी ही सही मोह्हबत दिखा दीजियेगा;
खत मेरे पढ़ने  अगर आंसू आ जाये तुमाहरे तो लिखे इन खतो को जला दीजियेगा;
तुमाहरी याद मैं पथर की मूरत हो गए है हो सके तो लौट कर थोड़ा रुला दीजियेगा;
बोहत तड़पा हूँ चैन की नींद के लिए अपनी गोद मैं सिर रख सुला दीजियेगा;
तू जहा रहे सदा खुश रहे ये दुआ है जीत गर कोई लम्हा तड़पाये तो भूला दीजियेगा;

आज चमन मैं हर फूल खिलता हुआ है ,,,,ghazal,

आज चमन मैं हर फूल खिलता हुआ है ये कोण सा जहां हर शख्स हस्ता हुआ है;
कोयलिया भी गीत मधुर गुनगुनाने लगी इन फिज़ाओ का रुख भी बदलता हुआ है;
सबा का झोंका मीठी सी महक साथ लाया उस महक से मुरझा फूल संभालता हुआ है;
पंछी भी एक डोर मैं उड़ रहे आस्मां मैं हसरत ऐ परवाज़ को मन मचलता हुआ है;
बारिश की बुँदे चेहरे पर गिरने लगी टिप टिप एक अजीब सा सुकून दिल को मिलता हुआ है;
हुसन से भरपूर मेरे ख्यालो मैं बसा जीत तेरी जुल्फों का जाल रुखसार पर लटकता हुआ है;

बज़्म ऐ अहल ऐ हुनर था हम भी अपना हुनर दिखाते चले,,,ghazal

बज़्म ऐ अहल ऐ हुनर था हम भी अपना हुनर दिखाते चले मोह्हबत की बात चली आंसुओ को हसी मैं छुपाते चले;
हुसन वालो से कैसे बचते दिल तो हमारा भी धड़कता है फ़क़त एसा घात लगा दिल पर दर बा दर भटकते चले;
हसरत ऐ परवाज़ थी बोहत पर धुल ही पड़ी चेहरे पर तकदीर ने एसा धुतकारा की ज़ख़्म पे ज़ख़्म मिलते चले;चशम ऐ तर हुई आलम ऐ तन्हाई किसी के गम से बदा के रिंड मैं अपनी दास्तान ऐ मोह्हबत बताते चले;
क़फ़स ऐ फ़सुर्दा मैं क़ैद ज़ीस्त मेरी कब तक तड़पती साँसे जिस्म से जुदा करके ग़म ऐ नाम उसके नाम कर चले;
गर कभी याद आये तो लौट आना मेरी कबर पर जीत तकलीफ न होगी ढूंढ़ने मैं नक़्श ऐ पा छोड़ते चले;

कियो आलम ऐ तनाही थी .........ghazal,

कियो आलम ऐ तनाही थी बे रूखी लौट आयी थी;
क़फ़स ऐ मोह्हबत मैं फसके मेरी जान निकल आयी थी;
 वो सनम हरजाई निकलाजिसने मेरी रूह मिटाई थी;
 दिन महीने साल गुजर गए वो लौट के न आयी थी;
 अहल ऐ जहां  रोया बोहोत दास्तान ऐ मोह्हबत सुनाई थी;
ज़ख़्म इतने लगे मेरे दिल पे मोह्हबत अब रोग बन आयी थी;
अरमान था दीदार ऐ यार का आखरी घडी जब क़रीब आयी थी;
इश्क़ करना गुनाह हो गया जीत लोगो ने अक्सर बात समझाई थी;

एक सवाल आज भी दिल मैं आता है,,,,ghazal,

एक सवाल आज भी दिल मैं आता है शायद आज भी वो मुझको चाहता है;
ज़माने के चलते वह मजबूर हो गया एहसास के जरिये मोह्हबत निभाता है;
मेरी ज़िन्दगी से भले वो दूर चली गयी वो अक्सर रात खवाबो मैं चला आता है;
वो लौट आएगा  उम्मीद है मुझे लम्हा ऐ तन्हाई इंतज़ार मैं गुजरता है;
महसूस करते है आज भी उसके आने का सबा मैं मिलकर साँसों मैं समाता है;
माफ़ करदो कब रुस्वाई रहेगी जीत अब तुझ बिन जीना दुश्वार लगता है;

रेत का घर बनाने लगे इक लहर आयी तबाह कर गयी,,,,,,,,,,,,,,,, ghazal,

रेत का घर  बनाने लगे इक लहर आयी तबाह कर गयी ज़ालिम ज़माने की साजिशो मैं मोह्हबत जुदा  हो गयी;
देखा न गया किसी से भी मेरी खुशहाल ज़िन्दगी को हलकी सी चिंगारी से हस्ती मरी फनाह हो गयी;
खुशिया दी उसे गमो की कोई सबा न चले ज़माने की नज़र मैं मोह्हबत गुनाह हो गयी;
अरमान मिटी मैं मिल गए वो किसी और की थी लाख कोशिशे की सँभालने की ज़ीस्त तबाह हो गयी;
वो बदनाम न हो लफ्ज खोले नहीं जीत राह ऐ मंजिल संगदिल बे वफ़ा हो गयी;

मेरा मसाफ़त ही मेरी अज़ाब रहा ,,,,,,,,,,,,,ghazal

मेरा मसाफ़त ही मेरी अज़ाब रहा सवालों मैं घिरी किताब रहा;
ढूंढ़ते रहे नक़्श ऐ पा उसके पर सबा से निशाँ मिटता रहा;
हसरत ऐ परवाज़ सदा दिल मैं रही एक एक कर हर सपना टूटता रहा;
बदा के रिन्द मैं एसे दुबे बैठे है यु दिल ऐ आशियाना लूटता रहा;
उसके लौट आने की तवाकु है दिन बा दिन यही गुजरता गया;
उसकी याद मैं ये दिल तड़पकर क़फ़स ऐ तन्हाई मैं बिखरता रहा;
उसके इंतज़ार मैं गुजरी ज़िन्दगी जीत वो बज़्म ऐ अहल ऐ हुनर उजड़ता रहा;